कोरोना के चलते ओलंपिक खिसकेगा ओलंपिक आयोजन!

  •  जापान ओलंपिक कमेटी के सदस्य ने दिया बड़ा बयान



नई दिल्ली। कोरोनावायरस के कारण लंबे समय से इस साल होने वाले टोक्यो ओलिंपिक  के रद्द होने की चर्चा चल रही है. अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक कमेटी अब तक लगातार यही बयान दे रही है कि टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक अपने समय पर ही होंगे. हालांकि इस बीच जापान की ओलिंपिक कमेटी के सदस्य ने बड़ा बयान दिया है जिसके मुताबिक ओलिंपिक खेलों को रद्द करने से बेहतर उपाय है कि उन्हें दो साल के लिए टाल दिया जाए. टोक्यो ओलिंपिक एग्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्य हारूयूकी ताकाहाशी ने कहा है कि कमेटी फिलहाल इस बात पर ध्यान दे रही है कि इस वायरस का खेलों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा. इस बारे  में पिछली बैठक में चर्चा नहीं हुई थी जो दिसंबर महीने में हुई थी क्योंकि तब कोरोनावायरस का असर उतना बड़ा नहीं था. ताकाहाशी ने द वॉल स्ट्रीट जनरल से बात करते हुए कहा, मुझे नहीं लगता कि खेलों को रद्द किया जाएगा. उन्हें स्थगित किया जा सकता है. इसका बड़ा कारण है कि आईओसी को खेलों के रद्द हो जाने से बड़ा नुकसान होगा.' ताकाहाशी ने कहा कि खेलों के रद्द होने से नुकसान तो है ही, साथ ही एक साल के लिए अगर खेलों को स्थगित किया जाता है तो वह कई बड़े टूर्नामेंट के साथ टकरा सकते हैं. उन्होंने बताया कि वह अप्रैल से इस बारे में गंभीरता से सोचना शुरू करेंगे. जापान की ओलिंपिक कमेटी का हिस्सा ताकाहाशी ने साथ ही यह भी साफ किया कि खेलों के स्थगित होने से भी आर्थिक तौर पर काफी नुकसान होने वाला है. आईओसी को जो नुकसान होगा उसका असर 2022 के शीतकालीन ओलिंपिक पर भी पड़ सकता है. साथ ही इसका मतलब यह भी है कि खिलाडिय़ों को फिर से क्वालिफिकेशन मार्क हासिल करना होगा.चीन से शुरू हुए कोरोनवायरस से अब तक दुनिया के एक लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके हैं वहीं लगभग चार हजार लोगों की जान जा चुकी है. इसके असर को देखते हुए अब तक कई बड़े खेल टूर्नामेंट रद्द हो चुके हैं वहीं कुछ को स्थगित किया जा चुका है. ओलिंपिक की शुरुआत 24 जुलाई से होने वाली है जो नौ अगस्त तक चलने हैं.


 


इनपुट: मीडिया रिपोर्ट