बोसफोरस मुक्केबाजी टूर्नामेंटः निकहत जरीन क्वार्टर फाइनल में पहुंची
नई दिल्ली | मुक्केबाजी में भारत की नई चुनौती बनकर उभर रहीं भारत की निकहत जरीन ने इस्तांबुल में चल रहे बोसफोरस मुक्केबाजी टूर्नामेंट में उलटफेर किया। निकहत जरीन ने महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग में मौजूदा विश्व चैम्पियन पाल्टसेवा एकेटरीना को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली जरीन ने टूर्नामेंट के दूसरे दिन रूसी मुक्केबाज को 5-0 से हराया। भारतीय मुक्केबाज को अंतिम-8 (क्वार्टर फाइनल) के मुकाबले में कजाकिस्तान की दो बार की विश्व चैम्पियन किजाइबे नाजिम के खिलाफ एक और कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। जरीन के अलावा 2013 के एशियाई चैम्पियन शिव थापा, सोनिया लाठेर और परवीन ने भी अपने वर्गों में जीत दर्ज करके क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। शिव थापा ने पुरुषों के 63 किग्रा वर्ग में कजाकिस्तान के समागुलोव बाघतीयोव को 3-2 से हराया। हालांकि, दुर्योधन नेगी (69 किग्रा), ब्रजेश यादव (81 किग्रा) और कृष्ण शर्मा (91 किग्रा से अधिक) को शुरुआती दौर के मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतने वालीं सोनिया लाठेर (57 किग्रा) और परवीन (60 किग्रा) ने महिला वर्ग में अपने-अपने भार वर्ग के दूसरे दौर के मैचों में क्रमशः सुरमेनेली तुगसेनाज और ओजोल एसरा को 5-0 से शिकस्त दी। सुरमेनेली और ओजोल दोनों ही स्थानीय मुक्केबाज हैं और खिताब की प्रबल दावेदार थीं। टूर्नामेंट के छठे दिन छह भारतीय मुक्केबाज अपने-अपने वर्ग का क्वार्टर फाइनल खेलेंगे। बता दें कि 24 साल की निकहत जरीन ने एक खेल चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वह अपनी पहली प्रतियोगिता के बाद खून से सनी और काली आंख के साथ घर लौटी थीं। इस घटना ने उनकी मां को काफी विचलित कर दिया था। उन्हें देख मां रोने लगी थीं। निकहत ने बताया था कि तभी उन्होंने तय किया था कि वह अगली बार अपने प्रतिद्वंद्वी को धूल चटाएंगी। उसके बाद निकहत ने कभी अपनी मां को रोने का मौका नहीं दिया। जनसत्ता से साभार