महिला मुक्केबाज निखत जरीन सेमीफाइनल में पहुंची
इस्तांबुल। भारत की युवा महिला मुक्केबाज निखत जरीन इस्तांबुल में चल रहे बॉस्फोेरस बॉक्सिंग टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। 24 साल की निखत ने 51 किलोग्राम वेट कैटेगरी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में दो बार की वर्ल्ड चैम्पियन कजाकिस्तान की नाजिम काइजाइबे को हराया। उन्होंने इससे पहले प्री क्वार्टर फाइनल में 2019 की वर्ल्ड चैम्पियन रूस की पाल्तसेवा एकातेरिना को हराया था। 4-1 से मुकाबला जीतकर मेडल पक्का किया निखत ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कजाक प्रतिद्वंद्वी नाजिम को 4-1 के अंतर से हराया। नाजिम ने 2014 और 2016 की वर्ल्ड चैम्पिनयशिप में गोल्ड मेडल जीता था। इस जीत के साथ ही भारतीय मुक्केबाज ने टूर्नामेंट में कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया है। सेमीफाइनल में जरीन का सामना 2019 की वर्ल्ड चैम्पियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट तुर्की की बुसेनाज चाकिरोग्लू से होगा। गौरव सोलंकी भी 4-1 से जीते
निखत के अलावा 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट गौरव सोलंकी भी सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। सोलंकी ने 57 किलोग्राम वेट कैटेगरी में तुर्की के आयकोल मिजान को हराया। इस बाउट में सोलंकी ने टेक्नीकल श्रेष्ठता के आधार पर 4-1 से जीत हासिल की। निखत की तरह गौरव ने भी कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया है। सेमीफाइनल में गौरव का सामना अर्जेंटीना के निर्को कुएलो से होगा। ओलिंपिक में निखत नहीं मेरीकॉम करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व निखत जरीन भले ही हाल फिलहाल जोरदार फॉर्म में चल रही हों, ओलिंपिक में महिलाओं की 51 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 6 बार की वर्ल्ड चैम्पियन और पूर्व ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट एमसी मेरीकॉम भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। मेरीकॉम ने ओलिम्पिक क्वालिफायर के लिए हुए ट्रायल में निखत को 9-1 से हराया था। इसके बाद उन्होंने क्वालिफायर में अच्छा प्रदर्शन कर ओलिंपिक कोटा भी हासिल किया था। भारतीय मुक्केबाजी संघ का साफ नियम है कि जिस मुक्केबाज को कोटा मिलता है, उसे ही ओलिंपिक में भाग लेने का मौका मिलता है। दैनिक भास्कर से साभार